काला हिरण: सलमान की बायोपिक नहीं, बिश्नोई समाज पर आधारित फिल्म - अमित जानी

'काला हिरण' फिल्म की सच्चाई

फिल्म निर्माता अमित जानी ने स्पष्ट किया है कि उनकी आने वाली फिल्म 'काला हिरण' सलमान खान की बायोपिक नहीं है। यह फिल्म बिश्नोई समाज और उनके वन्यजीवों के प्रति प्रेम पर आधारित है। जानी ने बताया कि फिल्म का मुख्य उद्देश्य बिश्नोई समुदाय की संस्कृति, उनके रीति-रिवाजों और प्रकृति के प्रति उनके समर्पण को दिखाना है।

बिश्नोई समाज पर फिल्म का फोकस

अमित जानी के अनुसार, 'काला हिरण' फिल्म बिश्नोई समाज के उन लोगों की कहानी बताएगी जिन्होंने वन्यजीवों की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। फिल्म में इस समुदाय के संघर्ष और उनकी बहादुरी को दर्शाया जाएगा। जानी ने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म किसी भी व्यक्ति विशेष या किसी विवाद पर केंद्रित नहीं है, बल्कि यह एक पूरे समाज की गौरवशाली गाथा है।

दबाव बनाने की कोशिश?

फिल्म निर्माता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें नोटिस भेजकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका मानना है कि यह किसी खास व्यक्ति या समूह द्वारा फिल्म को रोकने का प्रयास हो सकता है। अमित जानी ने कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएंगे और फिल्म को उसी रूप में बनाएंगे जैसा उन्होंने सोचा है।

फिल्म का उद्देश्य


• बिश्नोई समाज की संस्कृति और परंपराओं को उजागर करना।
• वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को दिखाना।
• समाज में प्रकृति प्रेम की भावना को बढ़ावा देना।

अमित जानी ने उम्मीद जताई है कि यह फिल्म दर्शकों को पसंद आएगी और बिश्नोई समाज के प्रति सम्मान की भावना को और बढ़ाएगी।

Comments