डेथ एनिवर्सरी स्पेशल: प्रकाश मेहरा और 'ज़ंजीर' की अनसुनी कहानी
आज हम उस महान फिल्म निर्माता प्रकाश मेहरा की डेथ एनिवर्सरी पर उनकी एक कालजयी फिल्म 'ज़ंजीर' से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें जानेंगे। यह वो फिल्म थी जिसने बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को इंडस्ट्री में वो पहचान दिलाई, जिसके वे हकदार थे। लेकिन इस फिल्म को बनाना आसान नहीं था।
गहने गिरवी रखकर बनाई 'ज़ंजीर'
फिल्म 'ज़ंजीर' के निर्माण के पीछे प्रकाश मेहरा का संघर्ष प्रेरणादायक है। उस समय उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वो फिल्म को बड़े पैमाने पर बना सकें। कहा जाता है कि फिल्म बनाने के लिए उन्होंने अपने गहने तक गिरवी रख दिए थे। यह उनका हौसला और विश्वास ही था जिसने उन्हें इस मुश्किल सफ़र पर आगे बढ़ाया।
अमिताभ बच्चन पर शुरुआती हिचकिचाहट
जब प्रकाश मेहरा ने अमिताभ बच्चन को 'ज़ंजीर' के मुख्य किरदार विजय के लिए चुना, तो कई लोग इसके पक्ष में नहीं थे। डिस्ट्रीब्यूटर्स और इंडस्ट्री के कई लोगों का मानना था कि अमिताभ उस समय इतने बड़े स्टार नहीं थे और उनका लंबा कद और कुछ हद तक बोलने का अंदाज़ उन्हें मुख्य भूमिका के लिए उपयुक्त नहीं बनाता था। एक किस्सा मशहूर है कि एक डिस्ट्रीब्यूटर ने तो उन्हें 'ये लंबा-बेवकूफ कौन है?' कहकर खारिज कर दिया था।
'मैंने तुम्हें स्टार बनाया'
फिल्म के रिलीज़ होने से पहले, जब अमिताभ बच्चन अभी उतने बड़े स्टार नहीं बने थे, तब एक पार्टी में प्रकाश मेहरा ने नशे में धुत होकर कुछ ऐसा कहा जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने अमिताभ को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने तुम्हें स्टार बनाया है।" यह बात थोड़ी अहंकारी लग सकती है, लेकिन यह फिल्म 'ज़ंजीर' की सफलता का आत्मविश्वास भी था, जिसे प्रकाश मेहरा ने भांप लिया था। वे जानते थे कि अमिताभ बच्चन में वो चिंगारी है जो उन्हें एक महान अभिनेता बना सकती है।
'ज़ंजीर' का प्रभाव
'ज़ंजीर' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि इसने अमिताभ बच्चन के करियर को एक नई दिशा दी। 'एंग्री यंग मैन' के किरदार ने दर्शकों के दिलों में जगह बना ली और यह अमिताभ बच्चन की पहचान बन गई। प्रकाश मेहरा का यह फैसला, तमाम आलोचनाओं के बावजूद, कितना सही साबित हुआ, यह आज हम सब जानते हैं।
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