बॉलीवुड की बेबाक एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने समाज में बढ़ते यौन अपराधों और इस पर लोगों की सामान्य होती सोच पर गहरी चिंता जताई है। जयपुर में अपनी अपकमिंग फिल्म 'अस्सी' के प्रमोशन के दौरान, तापसी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि आज रेप जैसे जघन्य अपराधों को भी लोग सामान्य खबरों की तरह ले रहे हैं।
अपराधों का सामान्यीकरण: एक गंभीर चिंता
तापसी ने कहा, "देश में हर दिन करीब 80 रेप केस सामने आ रहे हैं। समाज को इस पर व्यक्तिगत तौर पर सोचने की जरूरत है।" उन्होंने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं दिल्ली से हूं। रेप को लेकर रोज इतना कुछ पढ़ने को मिलता है, जिसे पढ़-पढ़कर लोगों ने रेप को नॉर्मलाइज की तरह मान लिया है। वे इसे चोरी की घटनाओं की तरह देखने लगे हैं।"
बच्चों का अपराधों में शामिल होना: क्या हम कुछ गलत कर रहे हैं?
एक्ट्रेस ने इस बात पर भी गहरा दुख और गुस्सा व्यक्त किया कि कई बार इन अपराधों में नाबालिग, यहां तक कि 10 साल के बच्चे भी शामिल पाए जाते हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने कुछ दिन पहले 6 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना सुनी। पता चला कि यह करने वाले 10 से 13 साल के बच्चे थे। इस घटना से डबल धक्का लगता है। इसका मतलब है कि हम कुछ तो गलत कर रहे हैं।" तापसी का मानना है कि बच्चों का इस तरह गलत दिशा में जाना दर्शाता है कि कहीं न कहीं परवरिश और समाज की सोच में कमी है, जिसे बदलने की तत्काल आवश्यकता है।
'अस्सी' फिल्म के माध्यम से सोचने पर मजबूर
तापसी ने अपनी फिल्म 'अस्सी' के संदर्भ में कहा कि दर्शकों को इस फिल्म को सिर्फ यह जानने के लिए नहीं देखना चाहिए कि रेप किसने किया, बल्कि यह समझना चाहिए कि ऐसे अपराध हो क्यों रहे हैं। उन्होंने दर्शकों से आह्वान किया कि फिल्म देखते समय वे सिर्फ दर्शक न रहें, बल्कि जज की भूमिका भी निभाएं और इस पर अपनी राय, अपने विचार दें कि उन्हें क्या लगता है और समाज को क्या निर्णय लेना चाहिए।
तापसी पन्नू की यह बातें समाज में यौन अपराधों के प्रति बढ़ती संवेदनहीनता पर एक गंभीर सवाल उठाती हैं और हमें इस मुद्दे पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
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