हरियाणवी डांसर सपना चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके पासपोर्ट रिन्यूअल के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करने का आदेश दिया है, जिससे उनका पासपोर्ट 10 साल के लिए रिन्यू हो सकेगा।
ट्रायल कोर्ट का फैसला और सपना की याचिका इससे पहले, ट्रायल कोर्ट ने सपना को एनओसी देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उन्होंने यात्रा की योजना के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी थी। 2018 में लखनऊ में एक शो रद्द होने के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के कारण उनका पासपोर्ट रिन्यू नहीं हो सका था।
हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट जारी न होना व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आगामी यात्रा के लिए डॉक्यूमेंट न जमा करने पर एनओसी नहीं रोकी जा सकती, क्योंकि पासपोर्ट जारी करना और देश छोड़ना दो अलग-अलग मामले हैं।
सपना की दलीलें सुनवाई के दौरान, सपना चौधरी की ओर से दलील दी गई कि वह दो बच्चों की मां हैं और उनकी भारत में काफी संपत्ति है। उनका पूरा करियर और परिवार यहीं है, इसलिए उनके देश छोड़कर भागने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
पूरा मामला संक्षेप में
• जून 2024: सपना ने पासपोर्ट रिन्यूअल के लिए एनओसी मांगी, जिसे ट्रायल कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।
• हाईकोर्ट में चुनौती: सपना ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
• कोर्ट का आदेश: हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए एनओसी जारी करने का आदेश दिया।
• पासपोर्ट की अवधि: सपना का पासपोर्ट 10 साल के लिए रिन्यू किया जाएगा।
• सपना की दलील: वह देश छोड़कर नहीं भागेंगी क्योंकि उनका परिवार और करियर भारत में है।
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