प्रयागराज कुंभ की 'वायरल गर्ल' मोनालिसा का बॉलीवुड डेब्यू: रुद्राक्ष माला बेचने वाली लड़की अब फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' की हीरोइन
प्रयागराज महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचकर रातोंरात 'वायरल गर्ल' बनी मोनालिसा की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। कभी मेले में श्रद्धालुओं को माला बेचकर गुजारा करने वाली मोनालिसा अब बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं। वह जल्द ही सरोज मिश्रा द्वारा निर्देशित फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी।
संघर्षों से भरा सफर और बॉलीवुड में एंट्री
मोनालिसा का यह सफर आसान नहीं रहा है। परिवार की इच्छाओं के विरुद्ध जाकर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। उनका यह निर्णय उनके अटूट हौसले और अपने सपनों को पूरा करने के जज्बे को दर्शाता है। मोनालिसा का एक बड़ा सपना अपने गांव में एक अच्छा स्कूल खोलना है, ताकि वहां की लड़कियां भी शिक्षा प्राप्त कर सकें और उनके जैसे अवसर पा सकें।
प्रेरणा के स्रोत और भविष्य की योजनाएं
टाइगर श्रॉफ और सोनाक्षी सिन्हा को अपना रोल मॉडल मानने वाली मोनालिसा उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहती हैं। फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' के निर्देशक सरोज मिश्रा ने मोनालिसा की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें यह बड़ा अवसर दिया। मिश्रा का मानना है कि मोनालिसा जैसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाकर वे समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, व्यक्ति अपनी मेहनत और लगन से कुछ भी हासिल कर सकता है।
'वायरल गर्ल' से 'हीरोइन' तक: मोनालिसा की जुबानी
दैनिक भास्कर ने मोनालिसा से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के उतार-चढ़ाव, डर, सपनों और इस बड़े बदलाव को बड़ी ही सादगी से साझा किया।
सवाल: कुंभ की वायरल गर्ल से फिल्म की हीरोइन बनने तक का सफर कैसा रहा?
जवाब: मेरा सफर बहुत अच्छा रहा है। जैसा कि आप देख सकते हैं, शूटिंग बहुत अच्छे से चल रही है और मुझे यह सब देखकर बहुत खुशी हो रही है। देहरादून बहुत खूबसूरत जगह है और यहां के लोग भी बहुत प्यारे और मददगार हैं।
सवाल: जब आपको पहली बार फिल्म का ऑफर मिला और आप डायरेक्टर से मिलीं, तब आपको कैसा महसूस हुआ?
जवाब: (इंटरव्यू का यह भाग अधूरा है, लेकिन यह मोनालिसा के अनुभव की गहराई को दर्शाता है।)
मोनालिसा की यह कहानी उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने की चाहत रखते हैं। उनकी यात्रा साबित करती है कि सच्ची लगन और मेहनत से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
Comments
Post a Comment