चाहे अरुबा के आलीशान रेस्टोरेंट की सजी थाली हो या किसी पांच सितारा होटल का मेन्यू, विशाल जेठवा हर व्यंजन का जायका पूरे दिल से लेते हैं। उनकी प्लेट रंग-बिरंगे फ्लेवर से भरी रहती है, लेकिन दिल के किसी कोने में आज भी देसी स्वाद की खुशबू बसती है। स्टार बनने के बाद भी विशाल का दिल बिल्कुल जमीन से जुड़ा हुआ है, और यही बात उनके खाने की पसंद में भी साफ झलकती है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान, देसी दिल:
फिल्म ‘होमबाउंड’ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके विशाल आज भले ही ग्लोबल मंच पर छा गए हों, लेकिन खाने के मामले में उनका दिल आज भी मां के हाथ के खाने पर ही आकर टिकता है। विशाल मानते हैं कि देसी खाने में सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भावनाएं भी होती हैं। शूटिंग के लंबे और थकाने वाले शेड्यूल के बाद जब घर का खाना नसीब होता है, तो वह उनके लिए किसी जश्न से कम नहीं होता।
अरुबा में पसंदीदा व्यंजन:
स्टार की थाली के इस एपिसोड के लिए हमने विशाल जेठवा से अरुबा रेस्टोरेंट में मुलाकात की और उनके फेवरेट फूड के बारे में जाना। अरुबा, मुंबई के जुहू बीच के पास एक नया रेस्टोरेंट खुला है, जो पूरी तरह इंटरनेशनल स्तर का है। इंटीरियर से लेकर खाने तक सब ग्लोबल स्टाइल का है।
'रिंगणा बटाटा नु शाक अने भात' - मां के हाथ का जादू:
विशाल बताते हैं, "मेरी मम्मी बहुत अच्छा खाना बनाती हैं। रिंगणा बटाटा नु शाक अने भात गुजराती एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसका मतलब बैंगन और आलू की सब्जी चावल होता है। यह मुझे खाने में बहुत पसंद है।" यह गुजराती शाक मसालेदार बैंगन और आलू से बनता है, जो अक्सर स्टफ्ड या ग्रेवी स्टाइल में तैयार किया जाता है। इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है।
अन्य देसी पसंदीदा:
इसके अलावा, विशाल को शिमला मिर्च में आलू की स्टफिंग भरकर रोटी और चाय के साथ खाना भी कमाल का लगता है। 'तेल मरचु अने रोटली' का स्वाद भी उन्हें बहुत भाता है।
निष्कर्ष:
विशाल जेठवा की कहानी हमें सिखाती है कि चाहे आप कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाएं, अपनी जड़ों और देसी स्वाद को कभी नहीं भूलना चाहिए। मां के हाथ का खाना और घर का स्वाद हमेशा खास होता है, और यही विशाल के दिल में आज भी बसा है।
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