ए.आर. रहमान के बयान पर मनोज मुंतशिर और मिथुन का जवाब: 'इंडस्ट्री में धर्म-जाति के आधार पर भेदभाव नहीं'

ऑस्कर विनर म्यूजिक कंपोजर ए.आर. रहमान के हालिया बयान पर गीतकार मनोज मुंतशिर और संगीतकार मिथुन ने असहमति जताई है। रहमान के विचारों के विपरीत, उन्होंने कहा कि उन्हें कभी भी इंडस्ट्री में धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव महसूस नहीं हुआ।

मनोज मुंतशिर का पक्ष:

दैनिक भास्कर से बातचीत में मनोज मुंतशिर ने कहा कि ए.आर. रहमान पर पूरे देश को गर्व है और वह एक विशाल सोच और बड़े दिल वाले कलाकार हैं। उन्होंने कहा, “मैं रहमान साहब की बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन उनके इस बयान से सहमत नहीं हूं कि इंडस्ट्री में धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव होता है। पिछले 10–12 सालों में मेरा अनुभव ऐसा नहीं रहा।”

मुंतशिर ने आगे कहा कि जिस दौर की बात रहमान कर रहे हैं, उसी दौर में 'पठान' और 'जवान' जैसी फिल्मों ने 500 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया और दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जिस इंडस्ट्री में जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी, मजरूह सुल्तानपुरी और नौशाद जैसे दिग्गज कलाकार रहे हों, वहां भेदभाव की बात समझ से परे है।

मनोज मुंतशिर ने इस बात पर भी जोर दिया कि ए.आर. रहमान 'छावा' जैसी फिल्म, जो वीर संभाजी महाराज पर आधारित है, का संगीत दे चुके हैं और आने वाली 'रामायण' का संगीत भी वही तैयार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन सबके बावजूद, जाति, धर्म और मजहब के नाम पर उनके साथ भेदभाव कैसे हो रहा है, यह समझने में उन्हें मदद चाहिए।

संगीतकार मिथुन की राय:

वहीं, संगीतकार मिथुन ने भी ए.आर. रहमान के इंडस्ट्री में दिए गए योगदान की सराहना की और कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उनसे बहुत प्रेरणा ली है। मिथुन ने कहा, “मैंने देखा है कि जब रहमान सर अपने ईमान और पहचान के साथ मंच पर प्रस्तुति देते हैं, तो हर धर्म और संस्कृति के लोग उन्हें सम्मान और प्यार देते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके आसपास किसी ने भी कभी रहमान के प्रति किसी तरह का पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं देखा।

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