बॉलीवुड की जानी-मानी और चुलबुली एक्ट्रेस प्रीति जिंटा आज अपना 51वां जन्मदिन मना रही हैं। अपनी प्यारी सी मुस्कान और डिंपल्स से लाखों दिलों पर राज करने वाली प्रीति ने हिंदी सिनेमा में कई यादगार किरदार निभाए हैं। 'दिल से' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाली प्रीति ने 'कल हो ना हो', 'कोई… मिल गया', 'वीर-जारा' और 'कभी अलविदा ना कहना' जैसी सुपरहिट फिल्मों में अपनी अभिनय का लोहा मनवाया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शुरुआती जीवन: प्रीति जिंटा का जन्म 31 जनवरी 1975 को शिमला के एक राजपूत परिवार में हुआ था। उनके पिता, दुर्गानंद जिंटा, भारतीय सेना में एक अधिकारी थे। पिता के अनुशासित जीवन शैली ने प्रीति के व्यक्तित्व पर गहरी छाप छोड़ी। लेकिन, जब प्रीति सिर्फ 13 साल की थीं, तब एक दुखद कार दुर्घटना में उनके पिता का निधन हो गया। इस हादसे में उनकी मां, नीलप्रभा भी गंभीर रूप से घायल हुईं। किस्मत से उनकी जान बच गई, लेकिन उनके शरीर की कई हड्डियां, यहां तक कि रीढ़ की हड्डी भी टूट गई, जिसके कारण वह करीब एक साल तक बिस्तर पर रहीं।
पिता के निधन से जुड़ा एक भयानक अनुभव:** सिमी गरेवाल के मशहूर टॉक शो 'रनोंड्स विद सिमी गरेवाल' में प्रीति ने अपने पिता के साथ हुए हादसे से जुड़े एक रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव को साझा किया था। उन्होंने बताया था कि दुर्घटना से कुछ दिन पहले उन्हें एक अजीब सा पूर्वाभास हो रहा था। वह स्कूल में रोज अखबार पढ़ा करती थीं और एक दिन उन्होंने अपनी दोस्त शगुन से कहा था कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि वे जल्द ही अखबार में अपने पिता से जुड़ी कोई बुरी खबर पढ़ने वाली हैं। उनकी दोस्त ने तब उन्हें समझाते हुए कहा था कि वह बेवजह डर रही हैं।
स्कूल से सीधे अस्पताल: जब एक्ट्रेस के पिता का एक्सीडेंट हुआ, उस समय प्रीति स्कूल में पढ़ रही थीं। एक सुबह, स्कूल की एक नन उन्हें जगाने आईं और बेहद प्यार से कहा कि उन्हें कहीं जाना है। प्रीति को यह थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि आमतौर पर स्कूल में शरारतों की वजह से नन उनसे थोड़ी सख्ती से पेश आती थीं। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि एक छोटा सा हादसा हुआ है। उन्हें सीधे अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अपनी मां को स्ट्रेचर पर बेहोश हालत में देखा। यह पल उनके लिए बेहद दर्दनाक था, जिसने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।
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