नीरज ग्रोवर हत्याकांड पार्ट-2: मारिया के कबूलनामे और जेरोम का खतरनाक खेल

नीरज ग्रोवर हत्याकांड के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे कास्टिंग डायरेक्टर अपनी दोस्त एक्ट्रेस मारिया सुसईराज के घर गए और लापता हो गए। एक्ट्रेस मारिया ने नीरज के परिवार के साथ उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस जांच में नीरज के मोबाइल पर आई एक कॉल की मदद से मारिया पर शक हुआ, जिसके बाद वो लगातार गुमराह करने वाले बयान देने लगीं। मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया।

कहानी आगे...

मारिया के चौंकाने वाले बयान के बाद 22 मई 2008 को मुंबई पुलिस की टीम ने जेरोम मैथ्यू को कोच्चि से हिरासत में लिया। कुछ देर तक अलग-अलग कहानियां सुनाने के बाद उन्होंने कहा कि नीरज की हत्या की मास्टरमाइंड मारिया हैं। दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। दोनों को कोर्ट में पेश कर हिरासत में लिया गया। मारिया इस बयान पर अड़ी थीं कि जेरोम ने नीरज की हत्या की और उनका रेप किया। नीरज की हत्या करने के बाद जेरोम ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर किसी को कुछ कहा, तो वो उन्हें भी मार देंगे। ऐसे में मारिया को मजबूरन उनका साथ देना पड़ा और लाश के टुकड़े करने पड़े।

22 मई को मारिया पुलिस को मुंबई से करीब 90 किलोमीटर दूर मनोर के जंगल लेकर गईं, जहां सुनसान झाड़ियों में उन्हें नीरज के शव के टुकड़े मिले। यह मामला बॉलीवुड की दुनिया में उस समय सनसनी बन गया था, जिसने कई सवालों को जन्म दिया। क्या मारिया सच कह रही थीं या यह जेरोम का कोई नया खेल था? इस हत्याकांड की पूरी सच्चाई क्या थी? जानने के लिए जुड़े रहें...

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