पंजाब के मोगा में एक गरीब परिवार में जन्मी और 'दैट गर्ल' गीत से रातों-रात स्टार बनीं परमजीत उर्फ परम ने हाल ही में अपनी पहली विदेश यात्रा पर UK का दौरा किया। 'लेडी सिद्धू मूसेवाला' के नाम से मशहूर परम ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अनुभव सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से साझा किया, जिसमें उन्होंने UK में अपने खाने के अनुभवों और अपने सफर से जुड़ी कई अहम बातें बताईं।
UK में देसी खाने की कमी और खुद की कुकिंग परम ने बताया कि UK में सब कुछ अच्छा है, लेकिन उन्हें भारतीय खाने की बहुत कमी महसूस हुई। बाहर का खाना खाते-खाते 4-5 दिन में ही वह ऊब गईं।
* अपनी टीम के सदस्यों को देसी स्वाद चखाने के लिए, परम ने खुद किचन में उतरने का फैसला किया। * उन्होंने आलू-शिमला मिर्च की सब्जी और सिंपल परांठे बनाए। एक मजेदार चुनौती यह थी कि किचन में कपड़ा (पौना) नहीं था, जिसके चलते उन्होंने अपनी डायरी के पन्नों का इस्तेमाल कर परांठे रखे। * परम के हाथों का बना खाना सभी को बेहद पसंद आया, जिससे उन्हें घर की याद कुछ कम सताई।
चाइनीज रेस्टोरेंट में चॉपस्टिक्स की चुनौती चॉपस्टिक्स से खाना खाने का शौक रखने वाली परम एक चाइनीज रेस्टोरेंट पहुंचीं। हालांकि, उनका अनुभव अपेक्षा से काफी अलग रहा।
* उन्होंने पाया कि चॉपस्टिक्स का उपयोग करना उतना आसान नहीं है जितना दिखता है। * काफी कोशिश के बावजूद वह चॉपस्टिक्स से नहीं खा पाईं और अंततः उन्हें चम्मच का सहारा लेना पड़ा। परम ने इस मजेदार क्षण को भी अपने वीडियो में साझा किया।
मोगा से स्टारडम तक का संघर्षपूर्ण सफर परमजीत कौर, जिन्हें परम के नाम से भी जाना जाता है, पंजाब के मोगा जिले के दुनेके गांव के एक बेहद साधारण और गरीब परिवार से आती हैं।
* उनकी मां दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ करती हैं, जबकि पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। * 19 साल की उम्र में, 'नी मैं अड्डी ना पताशे जावां पोरदी' रैप से वह रातों-रात सोशल मीडिया पर छा गईं और उन्हें 'लेडी सिद्धू मूसेवाला' का खिताब मिला। * परम इस समय मोगा के बीएम कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं और अपने संगीत रियाज को भी जारी रखे हुए हैं। उनका यह सफर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है।



