हाल ही में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उनके घर के बाहर मीडिया और पैपराजी की भीड़ पर सनी देओल का गुस्सा फूट पड़ा था। इस घटना के बाद, पैपराजी वरिंदर चावला ने इस पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और सनी देओल को जया बच्चन जैसा गुस्सैल बताया है। यह घटना सेलिब्रिटी प्राइवेसी और मीडिया कवरेज के बीच के तनाव को फिर से उजागर करती है।
क्या था पूरा मामला?
अभिनेता धर्मेंद्र को 10 नवंबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 12 नवंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज होकर वे घर पहुंचे थे। इस दौरान उनके घर के बाहर मीडिया और पैपराजी की भारी भीड़ मौजूद थी, जो उनकी हेल्थ कवरेज कर रही थी। घर से निकलते हुए सनी देओल पैप्स पर भड़क गए और उन्होंने गाली-गलौज की। उन्होंने गुस्से में हाथ जोड़कर कहा था, "आपके घर में भी मां-बाप हैं, आपको शर्म नहीं आती?" यह घटना सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी और इस पर खूब बहस छिड़ी थी।
वरिंदर चावला का पैपराजी का बचाव
वरिंदर चावला ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए एक इंटरव्यू में सनी देओल की गाली-गलौज पर सफाई देते हुए पैपराजी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा:
* जया बच्चन से तुलना: चावला के अनुसार, "सनी पाजी भी जया बच्चन की ही तरह गुस्से वाले इंसान हैं।" * पैपराजी का काम: उन्होंने स्पष्ट किया कि पैप्स धर्मेंद्र के घर से कम से कम 20-30 फुट दूर थे और केवल अपना काम कर रहे थे। * फैंस तक पहुंचाना: पैपराजी का उद्देश्य धर्मेंद्र के लाखों फैंस को यह दिखाना था कि इतने बड़े सेलिब्रिटी से मिलने कौन-कौन आ रहा है और बॉलीवुड में उनके प्रति कितना प्यार और सम्मान है। यह कोई पहली बार नहीं था, वे हमेशा से ऐसा करते आए हैं। * आंतरिक समस्या: चावला ने कहा कि धर्मेंद्र का हॉस्पिटल से जो वीडियो लीक हुआ, वह किसी पैप्स की गलती नहीं थी। अगर अंदर कोई समस्या थी, तो उसका गुस्सा बाहर मीडिया पर निकालना गलत है।
प्राइवेसी और पीआर टीम की भूमिका
चावला ने इस बात पर जोर दिया कि अगर सनी देओल को प्राइवेसी चाहिए थी, तो वे अपनी पीआर टीम के माध्यम से यह खबर भिजवा सकते थे। धर्मेंद्र की रिकवरी का स्टेटमेंट सनी की पीआर टीम की तरफ से आया था, जिसे वरिंदर चावला ने भी पोस्ट किया था। उनका कहना है कि गाली देने की कोई जरूरत नहीं थी।
पपराजी टीम का फैसला
सनी देओल द्वारा अपशब्द कहे जाने के बाद, वरिंदर चावला ने तुरंत अपनी टीम के सभी फोटोग्राफर्स को उनके घर के बाहर से हटवा दिया था। उन्होंने एक पोस्ट के माध्यम से इसकी घोषणा भी की कि अब वे धर्मेंद्र के घर के बाहर से कवरेज नहीं करेंगे।
पहले भी हुई थी ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब सनी देओल का मीडियाकर्मियों के प्रति ऐसा व्यवहार सामने आया हो। धर्मेंद्र के निधन के बाद जब उनकी अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित की गई थीं, तब भी सनी देओल ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर रहे एक कैमरामैन से बदसलूकी की थी। उन्होंने कैमरा छीनकर कहा था, "क्या आप लोगों ने शर्म बेच खाई है। पैसे चाहिए तुझे, कितने पैसे चाहिए?" यह घटना भी खूब चर्चा में रही थी।
यह पूरा विवाद एक बार फिर से पब्लिक फिगर्स की प्राइवेसी और मीडिया के कवरेज के अधिकार के बीच की नाजुक रेखा को सामने लाता है।



