हाल ही में रिलीज हुई धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस फिल्म के कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के अटूट समर्पण और काम के प्रति उनकी लगन पर खुलकर बात की है। उन्होंने पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में शूटिंग के दौरान एक ऐसे पल का जिक्र किया, जब धर्मेंद्र ने अपनी उम्र और थकान को दरकिनार करते हुए देर रात डांस सीखने की जिद पकड़ ली थी।
धर्मेंद्र का अटूट समर्पण: 'मुझे यह करना है!'
विजय गांगुली ने बताया कि 'इक्कीस' की शूटिंग के दौरान एक कव्वाली गाने के सीक्वेंस में, उन्हें (धर्मेंद्र को) थोड़ा सा डांस करना था। शुरुआत में विजय ने धर्मेंद्र को सिर्फ खड़े होकर एंजॉय करने को कहा, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि इस उम्र में उन पर ज्यादा जोर पड़े। लेकिन धर्मेंद्र का जवाब चौंकाने वाला था:
• विजय ने धर्मेंद्र से पूछा, 'अच्छा, क्या करना है? मुझे बताइए।'
• जब उन्हें बताया गया कि बाकी लड़के 'पठानी-सा' लेग-स्टेप कर रहे हैं, तो धर्मेंद्र ने तुरंत कहा, 'नहीं, मुझे यह करना है। मैं यह करूंगा। दो लड़कों को बुलाओ।'
• विजय ने बताया कि उस समय धर्मेंद्र के लिए उठना-बैठना भी थोड़ा मुश्किल था, फिर भी वे खड़े हुए और लड़कों को कंधे से पकड़कर स्टेप्स सीखने लगे।
• बार-बार मना करने के बावजूद कि उन्हें यह करने की जरूरत नहीं है, धर्मेंद्र अपनी बात पर अड़े रहे।
• उनकी लगन ऐसी थी कि कोरियोग्राफर को कहना पड़ा कि बार-बार री-टेक से उन्हें यह स्टेप कई बार करना पड़ेगा, जिससे थकान हो सकती है।
• धर्मेंद्र का मानना था कि भले ही डांस करना अनिवार्य न हो, लेकिन उन्हें अपना 100% देना जरूरी था। उनका रवैया था, 'मैं करके दिखाऊंगा।' इस घटना ने सेट पर मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया।
लिरिक्स और लिपसिंक के प्रति सजगता
विजय गांगुली ने यह भी बताया कि डांस स्टेप्स सीखने के साथ ही धर्मेंद्र गाने के बोल को लेकर भी बेहद सजग थे। वह बार-बार लिरिक्स पूछते थे, ताकि अगर लिपसिंक की जरूरत पड़े तो वे उसे भी बखूबी निभा सकें। उनका यह व्यवहार उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो उन्हें आज भी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में से एक बनाता है।
धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस'
धर्मेंद्र की फिल्म 'इक्कीस' 1 जनवरी को रिलीज हुई है। इस फिल्म में उन्होंने अपनी लिखी एक कविता भी पढ़ी है। फिल्म में धर्मेंद्र अगस्त्या नंदा के पिता की भूमिका में हैं, जो अरुण खेत्रपाल का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म धर्मेंद्र के शानदार करियर की आखिरी प्रस्तुति है, जहां उन्होंने अपने अभिनय और समर्पण से एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया है।



