विश्व सिनेमा जगत के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर हंगेरियन फिल्ममेकर बेला टार का 70 साल की आयु में लंबी और गंभीर बीमारी के बाद निधन हो गया है। द यूरोपियन फिल्म अकादमी ने 6 जनवरी को उनके निधन की पुष्टि करते हुए सिनेमा के एक सशक्त आवाज के चले जाने पर गहरा शोक व्यक्त किया। अकादमी ने जारी बयान में कहा, 'यूरोपियन फिल्म अकादमी एक आउटस्टैंडिंग डायरेक्टर और सशक्त राजनीतिक आवाज वाले व्यक्तित्व के निधन पर शोक व्यक्त करती है। उनका न केवल उनके सहयोगियों द्वारा गहरा सम्मान किया जाता था बल्कि दुनिया भर की ऑडियंस उन्हें सराहती थी।' टार को उनकी असाधारण फिल्मों और राजनीतिक मुखरता के लिए दुनिया भर में सराहा जाता था।
कौन थे बेला टार?
बेला टार का जन्म 1955 में हुआ था और उन्होंने हंगरी के सबसे बड़े स्टूडियो बालाज बेला स्टूडियो से अपने फिल्ममेकिंग करियर की शुरुआत की।• प्रारंभिक कार्य: उनकी पहली फीचर फिल्म 'फैमिली नेस्ट' 1977 में रिलीज़ हुई थी, जो कम्युनिस्ट हाउसिंग में रहने वाले एक युवा परिवार के बारे में एक गहरा सामाजिक ड्रामा थी।
• शिक्षा और स्टूडियो: 1982 में उन्होंने बुडापेस्ट के थिएटर और फिल्म अकादमी से स्नातक की डिग्री हासिल की और टार्सुलास फिल्म स्टूडियो की स्थापना की, जहां उन्होंने 1985 में इसके बंद होने तक काम किया।
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति और प्रमुख फिल्में
बेला टार को 1988 में अपनी फीचर फिल्म 'डेमनेशन' से अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली। यह फिल्म हंगरी के एक खनन शहर में इरोटिक ऑब्सेशन पर आधारित थी और नोबेल पुरस्कार विजेता हंगेरियन लेखक लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई के उपन्यास का रूपांतरण थी।
• 'डेमनेशन' के लिए उन्हें यूरोपीय फिल्म अवॉर्ड्स में 'बेस्ट युवा फिल्ममेकर' का पुरस्कार भी मिला था।
• उनकी अन्य उल्लेखनीय फिल्मों में 'सैटेन टांगो' और 'वर्कमाइस्टर हार्मनी' शामिल हैं, जो उनकी विशिष्ट शैली की पहचान हैं।
बेला टार की फिल्ममेकिंग शैली टार अपनी एक्सपेरिमेंटल, डार्क और ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों के लिए जाने जाते थे। उनकी फिल्में आम लोगों की जिंदगी और ग्रामीण हंगेरियन जीवन को एक नए, यथार्थवादी अंदाज में पेश करती थीं। उन्होंने अपनी फिल्मों में ग्रामीण हंगेरियन लाइफ को एक अनूठे तरीके से दर्शाया। उनकी कला ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया और सिनेमा को देखने के तरीके को चुनौती दी।
करियर का अंतिम पड़ाव और विरासत
बेला टार ने 1979 से 2011 के बीच कुल नौ फीचर फिल्में बनाईं। इसके अलावा, उन्होंने ‘मैकबेथ’ नामक एक टेली फिल्म के साथ-साथ कुछ डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्मों का भी निर्देशन किया था।
• सन्यास और शिक्षा: 2011 में उन्होंने फिल्म मेकिंग से संन्यास ले लिया और साराजेवो में 'फिल्म फैक्ट्री' नाम से अपना एक फिल्म स्कूल चलाया, जहां उन्होंने युवा फिल्ममेकरों को प्रशिक्षित किया।
• राजनीतिक विचार: अपनी फिल्मों के अलावा, टार राजनीतिक तौर पर भी काफी मुखर थे। वह राष्ट्रवाद के प्रबल आलोचक थे और 2016 के एक साक्षात्कार में उन्होंने ट्रम्प को संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए 'शर्म की बात' बताया था।
बेला टार का निधन सिनेमा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन उनकी फिल्में और उनकी मजबूत आवाज हमेशा जीवित रहेगी, जो आने वाली पीढ़ियों के फिल्ममेकरों को प्रेरित करती रहेगी।



