Type Here to Get Search Results !

AddsErra 2

Addserra 1

दिलजीत दोसांझ @42: दोसांझ कलां से ग्लोबल स्टार तक का संघर्ष, विवाद और पंजाबी पहचान का सफर

आज पंजाबी और बॉलीवुड सिनेमा के जाने-माने चेहरे और ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। पंजाब के फिल्लौर तहसील के दोसांझ कलां गांव के एक साधारण सिख परिवार से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने का उनका सफर प्रेरणादायक रहा है। आर्थिक दिक्कतों, समाज के तानों और कई विवादों के बावजूद, दिलजीत ने अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से खुद को साबित किया है। आइए जानते हैं उनके जीवन के कुछ अनसुने किस्से।

प्रारंभिक जीवन और संगीत की शुरुआत दिलजीत का बचपन आर्थिक तंगी में बीता, जिससे वे केवल दसवीं तक ही पढ़ पाए। बचपन से ही उन्हें गाने का शौक था और वे गुरुद्वारे में गुरबानी कीर्तन करते थे। अपने शुरुआती करियर में उन्होंने स्टेज शो और शादियों में भी परफॉर्मेंस दी। उनका असली नाम दलजीत सिंह था, जिसे उन्होंने अपने दोस्त राजिंदर सिंह के सुझाव पर बदलकर 'दिलजीत दोसांझ' कर लिया, ताकि वे अपने गांव दोसांझ कलां की मिट्टी का मान बढ़ा सकें।


• साल 2004 में म्यूजिक प्रोड्यूसर बलवीर बोपाराय ने उन्हें पंजाबी म्यूजिक एल्बम ‘इश्क दा उड़ा अड्डा’ में पहला ब्रेक दिया, जो टी-सीरीज ने रिलीज किया था।
• शुरुआत में सफलता न मिलने के बावजूद, ‘स्माइल’ और ‘पटियाला पेग’ जैसे गानों ने उन्हें पंजाब का लोकप्रिय सिंगर बना दिया।

पंजाबी सिनेमा में धमाकेदार एंट्री दिलजीत ने 2011 में पंजाबी फिल्म ‘द लायन ऑफ पंजाब’ से एक्टिंग में डेब्यू किया। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और दिलजीत ने अभिनय छोड़ने का मन बना लिया था। उनकी दूसरी फिल्म, 'जिने मेरा दिल लुटेया', हिट हुई, जिसके बाद उन्होंने अपना विचार बदल दिया। 2012 में रिलीज हुई ‘जट्ट एंड जूलियट’ ने उनकी किस्मत बदल दी और वे पंजाबी सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने ‘जट्ट एंड जूलियट 2’, ‘पंजाब 1984’,’सरदार जी’ और ‘अंबरसरिया’ जैसी कई हिट फिल्में दीं।

बॉलीवुड में शानदार पहचान 2016 में, दिलजीत ने फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ से बॉलीवुड में कदम रखा, जहाँ उन्होंने पुलिस ऑफिसर सरताज सिंह का यादगार किरदार निभाया। इस रोल के लिए उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ अपनी रिलीज से पहले सेंसर बोर्ड के साथ बड़े विवादों में घिरी रही, लेकिन दिलजीत इस विवाद से भी चर्चा में आए। इसके बाद उन्होंने 'फिल्लौरी', 'सूरमा', 'गुड न्यूज़', 'क्रू' जैसी कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया।

पगड़ी और पहचान: एक दृढ़ संकल्प दिलजीत को बॉलीवुड में पगड़ी पहनने को लेकर काफी तंज कसे गए कि पगड़ी वाले को हीरो का रोल नहीं मिलेगा। IANS को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट कहा था कि वह अपनी पगड़ी नहीं छोड़ सकते, चाहे उन्हें फिल्में ही क्यों न छोड़नी पड़ें। उन्होंने अपनी पहचान पर कायम रहकर यह साबित किया कि प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से किसी भी रूढ़िवादिता को तोड़ा जा सकता है।

एक ग्लोबल आइकॉन के रूप में दिलजीत दोसांझ अब सिर्फ भारतीय नहीं, बल्कि एक ग्लोबल स्टार बन चुके हैं।


• वह Coachella Music Festival 2023 में परफॉर्म करने वाले पहले पंजाबी कलाकार बने, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
• उन्होंने अमेरिका, कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड टूर कर पंजाबी म्यूजिक को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
• पगड़ी और देसी पहनावे में पंजाबी भाषा को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर गर्व के साथ पेश करके, वे आज पंजाबी संस्कृति के ग्लोबल एम्बेसडर माने जाते हैं।

विवादों से भरा सफर अपने सफल करियर के साथ-साथ दिलजीत समय-समय पर कई विवादों में भी घिरे रहे हैं:


शुरुआती गीतों पर आरोप: करियर के शुरुआती दौर में उनके कुछ पंजाबी गीतों के बोल को लेकर विवाद हुए। उन पर शराब, हथियार और पंजाबी युवाओं की गलत छवि को बढ़ावा देने के आरोप लगे।
कंगना रनौत के साथ नोकझोंक: 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने खुलकर किसानों का समर्थन किया, जिसके चलते कंगना रनौत के साथ उनकी तीखी ट्विटर बहस हुई।
पाकिस्तानी अभिनेत्री के साथ काम: ‘सरदार जी 3’ में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ काम करने पर उन पर देशद्रोह के आरोप लगे, हालांकि फिल्म के प्रोड्यूसर ने सफाई दी कि यह फिल्म विवाद से पहले शूट हुई थी और भारत में रिलीज नहीं की गई।
'बॉर्डर 2' से हटाने की मांग: उनकी आने वाली फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर भी सवाल उठे कि क्या एक देशभक्ति से जुड़ी फिल्म में दिलजीत जैसे कलाकार को होना चाहिए। FWICE ने उन्हें फिल्म से हटाने की अपील की थी।
दिल लुमिनाटी टूर पर विवाद: 2024 का 'दिल लुमिनाटी टूर' सफल रहा, लेकिन कॉन्सर्ट के टिकटों की कालाबाजारी और शराब-ड्रग्स वाले गाने न गाने के सरकारी नोटिस जैसे विवादों से भी घिरा रहा।

निष्कर्ष दिलजीत दोसांझ का जीवन चुनौतियों से जूझने, अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी कला के माध्यम से दुनिया भर में पंजाबी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने की एक शानदार कहानी है। वे आज न सिर्फ एक कलाकार बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

ADSTERRA

shrinkme

Addserra