पॉपुलर फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में बड़ा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस समीर जैन ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए साफ कहा कि यह सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई धोखाधड़ी का मामला है। पुलिस जांच जारी रहेगी और विक्रम भट्ट की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं।
FIR रद्द करने की याचिका खारिज विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का अनुरोध किया था। उनकी दलील थी कि यह मामला आपराधिक धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि दो पक्षों के बीच हुए कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन का है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि समझौते के तहत विवाद सुलझाने का अधिकार मुंबई में होना चाहिए, न कि राजस्थान में। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन सभी दलीलों को खारिज करते हुए याचिका रद्द कर दी।
7 दिसंबर से जेल में हैं विक्रम भट्ट बता दें कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी 7 दिसंबर से जेल में बंद हैं। इस दौरान उन्होंने दो बार जमानत याचिका दायर की, लेकिन दोनों ही बार उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गईं, जिससे उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
क्या है ₹30 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला?
• राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ उदयपुर में ₹30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR दर्ज कराई थी।
• डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। कटारिया ने उन्हें अपनी पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया।
• इसी सिलसिले में 24 अप्रैल 2024 को दिनेश कटारिया ने डॉ. मुर्डिया को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया, जहां उनकी मुलाकात विक्रम भट्ट से हुई और बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई।
• कुछ दिनों बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉ. मुर्डिया को ₹7 करोड़ और फाइनेंस करके ₹47 करोड़ में 4 फिल्में बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसमें ₹100 से ₹200 करोड़ के मुनाफे का वादा किया गया।
• इसके बाद उनके स्टाफ अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में ₹77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए गए। कुल मिलाकर ₹2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए गए।
• इंदिरा एंटरटेनमेंट से कुल ₹42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि 4 फिल्मों का निर्माण ₹47 करोड़ में तय हुआ था।
पूरी नहीं हुईं फिल्में, हड़पे गए ₹25 करोड़ का आरोप
• विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट ने केवल दो फिल्मों का निर्माण कर उन्हें रिलीज करवाया।
• तीसरी फिल्म 'विश्व विराट' का काम लगभग 25 प्रतिशत ही हो पाया।
• चौथी फिल्म 'महाराणा-रण' की शूटिंग अभी तक शुरू भी नहीं हुई है।
• आरोप है कि फिल्म 'महाराणा-रण' के ही ₹25 करोड़ हड़प लिए गए हैं।
• डॉ. अजय मुर्डिया (पीड़ित) ने फिल्म डायरेक्टर, उनकी पत्नी, बेटी कृष्णा (निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई), दिनेश कटारिया (निवासी सहेली नगर, उदयपुर), महबूब अंसारी (प्रोड्यूसर, निवासी ठाणे), मुदित बुटट्टान (निवासी दिल्ली), गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव (डीएससी चेयरमैन), अशोक दुबे (जनरल सेक्रेटरी, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज मुंबई) के खिलाफ भूपालपुरा (उदयपुर) थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।



