भारतीय मनोरंजन जगत में एक बड़ी खबर सामने आई है। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट में यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया (UMI) ने एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी खरीदी है। यह डील एक्सेल एंटरटेनमेंट को करीब ₹2,400 करोड़ का मूल्यांकन देती है, जिसमें यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया को 30 फीसदी हिस्सेदारी मिली है। इस ऐतिहासिक समझौते से भारतीय फिल्मों, वेब सीरीज और उनके संगीत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
* नया एक्सेल म्यूजिक लेबल: इस साझेदारी के तहत एक नया 'एक्सेल म्यूजिक' लेबल लॉन्च किया जाएगा, जिसका वैश्विक वितरण यूनिवर्सल म्यूजिक करेगा।
* संगीत प्रकाशन अधिकार: एक्सेल के सभी प्रोजेक्ट्स के गानों की म्यूजिक पब्लिशिंग की जिम्मेदारी भी यूनिवर्सल म्यूजिक के पास होगी।
* वैश्विक पहुंच: एक्सेल एंटरटेनमेंट के ओरिजिनल गाने अब दुनिया भर में यूनिवर्सल म्यूजिक द्वारा रिलीज किए जाएंगे, जिससे भारतीय कला और संस्कृति को एक विस्तृत दर्शक वर्ग मिलेगा।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति और दृष्टिकोण: इस बड़ी घोषणा के मौके पर मुंबई में फरहान अख्तर, जावेद अख्तर, रितेश सिधवानी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसी हस्तियां मौजूद थीं। यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया के चेयरमैन और सीईओ देवराज सान्याल अब एक्सेल एंटरटेनमेंट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल होंगे, हालांकि कंपनी के क्रिएटिव फैसले फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ही लेते रहेंगे।
फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने इस साझेदारी पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय मनोरंजन की दुनिया में कलाकारों और उनके काम के लिए नए अवसर पैदा करेगा, खासकर संगीत, फिल्म और नए फॉर्मेट्स में। उनका मकसद भारतीय सांस्कृतिक कहानियों को पूरी दुनिया तक पहुंचाना है। एक्सेल एंटरटेनमेंट के CEO विशाल रामचंदानी ने भी इस कदम को भारतीय कहानियों को वैश्विक नजरिए से दिखाने का एक बड़ा अवसर बताया।
एक्सेल एंटरटेनमेंट का सफर और भारतीय बाजार की क्षमता: 1999 में स्थापित एक्सेल एंटरटेनमेंट ने 'दिल चाहता है', 'डॉन', 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा', 'गली बॉय', 'फुकरे' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में और 'मिर्जापुर', 'मेड इन हेवन' जैसी सफल वेब सीरीज बनाई हैं। कंपनी लगातार अपने अनोखे और मजबूत कंटेंट के लिए जानी जाती है।
यह साझेदारी भारत जैसे तेजी से बढ़ते और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार में यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप की स्थिति को और मजबूत करती है। IFPI के आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया का 15वां सबसे बड़ा रिकॉर्डेड म्यूजिक मार्केट है, जिसमें 375 मिलियन से अधिक ओवर-द-टॉप (OTT) दर्शक और 650 मिलियन स्मार्टफोन उपयोगकर्ता हैं। यह साझेदारी भारतीय मनोरंजन उद्योग के भविष्य के लिए एक उज्ज्वल और परिवर्तनकारी अध्याय की शुरुआत है, जो कलात्मक नवाचार और वैश्विक विस्तार के लिए असीमित संभावनाएं खोलेगी।



