बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट को बठिंडा कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। किसान आंदोलन से जुड़े मानहानि मामले में उन्हें अदालत ने 15 जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया है। यदि वह इस तारीख पर कोर्ट में हाजिर नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है। यह मामला काफी समय से चल रहा है और अब अभिनेत्री के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनोट द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों से जुड़ा है। अभिनेत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किसान आंदोलन से जुड़ी एक बुजुर्ग महिला को '100 रुपये दिहाड़ी पर उपलब्ध' बताया था, जिसके बाद काफी विवाद हुआ था। बठिंडा की एक महिला किसान महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
• कंगना पर किसानों की गरिमा और आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगा।
• शिकायतकर्ता महिंदर कौर ने कहा कि कंगना के बयानों से उनकी और अन्य किसानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
• इस मामले में कोर्ट पहले भी कंगना को पेश होने के लिए समन जारी कर चुका है।
कोर्ट का आदेश और कंगना की पेशी
बठिंडा कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। कई बार समन जारी होने के बावजूद कंगना रनोट कोर्ट में पेश नहीं हुई थीं। इसी के चलते अब कोर्ट ने उन्हें अंतिम मौका देते हुए 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
• न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 जनवरी को कंगना रनोट कोर्ट में हाजिर नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
• इस आदेश से कंगना की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि गिरफ्तारी वारंट की स्थिति में उन्हें पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जा सकता है।
• कंगना के वकील ने पहले उनकी ओर से पेशी से छूट की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे नामंजूर कर दिया।
अब सबकी निगाहें 15 जनवरी पर टिकी हैं कि क्या कंगना रनोट कोर्ट में पेश होंगी या उनकी गैर-मौजूदगी के चलते उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होगा। यह मामला बॉलीवुड और किसान समुदाय के बीच तनाव का एक बड़ा कारण रहा है, और अब इसका कानूनी अंजाम सामने आने वाला है।



